दिल्ली आरोग्य कोष से भी गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच हो सकेगी

Ultrasound tests of pregnant women will also be available from Delhi Arogya Kosh

नई दिल्ली, दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इलाज कराने वाली गर्भवती महिलाओं की डीजीएचएस के पैनल में शामिल निजी डायग्नोस्टिक लैब में दिल्ली आरोग्य कोष (डीएके) फंड से भी अल्ट्रासाउंड जांच हो सकेगी। इससे गर्भवती महिलाओं को जांच की बेहतर सुविधा मिल पाएगी और उन पर खर्च का बोझ नहीं पड़ेगा। परिवार कल्याण निदेशालय ने एक आदेश जारी कर यह स्पष्ट किया है। सामान्य तौर पर गर्भवती महिलाओं को जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) फंड से जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसलिए सरकारी अस्पतालों से डीएके फंड से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए रेफर किए जाने पर जेएसएसके के तहत रेफर नहीं करने का कारण बताना होगा।जेएसएसके केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजना है। इसके तहत सभी गर्भवती महिलाओं की सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच व इलाज का प्रवधान है। लेकिन दिल्ली के कई अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा का भी अभाव है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं निजी लैब में जांच के लिए रेफर की जाती हैं। निदेशालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुसार गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में कम से कम एक बार अल्ट्रासाउंड जांच होना आवश्यक है। जेएसएसके के तहत निर्धारित फंड से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी व कोई अन्य बीमारी की स्थिति में ही अल्ट्रासाउंड जांच निजी लैब में हो सकती है। ऐसी स्थिति में डीएके से जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा उपलब्ध कराने का एक विकल्प हो सकता है। निदेशालय के आदेश में कहा गया है कि 21 जून 2018 को डीजीएचएस ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली आरोग्य कोष से गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अधिकृत नहीं है। इस वजह से बार-बार यह सवाल उठाए जा रहे थे कि डीएके से गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच हो सकती है या नहीं? यह स्पष्ट करते हुए निदेशालय ने कहा है कि दिल्ली आरोग्य कोष से प्रसव पूर्व अल्ट्रासाउंड जांच पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button