पंचायतों का अपना राजस्व 59 रुपये प्रति व्यक्ति के निचले स्तर पर
Panchayats' own revenue at a low of Rs 59 per person

नई दिल्ली, ग्रामीण स्थानीय निकायों का अपना औसत राजस्व 2017 से 2022 के बीच केवल 59 रुपये प्रति व्यक्ति रहा है। इसके साथ ही पंचायतों के लिए अपने स्रोत से प्राप्त राजस्व (ओएसआर) कम बना हुआ है।पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार 2017 से 2022 के बीच इन ग्रामीण निकायों को अधिक वित्तीय आजादी देने के लिए ओएसआर को बढ़ाने पर जोर दिया गया।हालांकि, मंत्रालय द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 2017 से 2022 के बीच पंचायतों ने ओएसआर के रूप में केवल 5,118.98 करोड़ रुपये ही जुटाए।यह राशि देश भर में 2.25 लाख ग्राम पंचायतों के लिए पांच साल की अवधि में प्रति व्यक्ति 59 रुपये और प्रति पंचायत 2.27 लाख रुपये है। राज्यों में गुजरात ने सबसे अधिक 829.75 करोड़ रुपये ओएसआर के रूप में जमा किये। केरल 802.95 करोड़ रुपये जमा करके दूसरे स्थान पर रहा। आंध्र प्रदेश ने 791.93 करोड़ रुपये, कर्नाटक ने 627.56 करोड़ रुपये, तमिलनाडु ने 516.3 करोड़ रुपये और पश्चिम बंगाल ने 435.17 करोड़ रुपये जमा किये।प्रति व्यक्ति ओएसआर के लिहाज से गोवा 1,635 रुपये के साथ सूची में सबसे ऊपर है और उसके बाद पुडुचेरी (757 रुपये) का स्थान है।




