सब्जी, दाल-दलहनों में नरमी से जून में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 77 महीने के निचले स्तर पर
Retail inflation falls to 77-month low in June due to softness in vegetable, pulses and legumes

नई दिल्ली, सब्जियों और दलहनों की कीमतों में भारी गिरावट के कारण जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 77 महीने के निचले स्तर 2.10 प्रतिशत पर आ गयी। जनवरी 2019 के बाद से जून 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति अपने न्यूनतम स्तर पर है। जून 2024 में खुदरा मुद्रास्फीति 5.08 प्रतिशत और इस साल मई में यह 2.82 प्रतिशत थी।जून में खाद्य मुद्रास्फीति शून्य से 1.06 प्रतिशत नीचे दर्ज की गई।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी खुदरा मूल्य सूचकांक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जून की तुलना में इस साल जून में सब्जियों के भाव 19 प्रतिशत नीचे थे। दाल-दलहनों तथा उससे तैयार उत्पादों की कीमतों में भी सालाना आधार पर 11.76 फीसदी की कमी आयी है। इससे समग्र खाद्य वस्तुओं का खुदरा मूल्य स्तर एक साल पहले से 1.06 प्रतिशत घटा है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून में मसालों के भाव में सालाना आधार पर 3.03 प्रतिशत की कमी हुई जबकि मांस-मछली के खुदरा दाम 1.62 प्रतिशत दर्ज ऊपर थे। अंडा, दूध तथा डेयरी उत्पादों की कीमतों में सालाना आधार पर महंगाई तीन प्रतिशत से कम रही।अनाजों चीनी तथा कंफेक्शनरी उत्पादों में जून की मुद्रास्फीति चार प्रतिशत से कम रही। इसके विपरीत तेल एवं वसा उत्पाद 17.75 प्रतिशत और फल सालाना आधार पर 12.59 प्रतिशत मंहगे हैं।अन्य उत्पादों में सौंदर्य प्रसाधन 14.76 प्रतिशत महंगे हुए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की महंगाई दर 4.43 प्रतिशत और शिक्षा 4.37 प्रतिशत महंगी हुई है।शहरी क्षेत्रों की तुलना में जून में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर ज्यादा बढ़ी। शहरी क्षेत्र की मुद्रास्फीति 2.56 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र की 1.72 फीसदी रही।अक्टूबर 2024 के बाद लगातार आठवें महीने मुद्रास्फीति घटी है। इसे आने वाले महीनों में रिजर्व बैक मौद्रिक नीति को और उदार बनाने में आसानी होगी। केंद्रीय बैंक ने अभी अपनी जून की बैठक में रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की थी। रेपो दर इस समय 5.5 प्रतिशत है।




