हिमाचल प्रदेश के मुद्दों को संसद में उठाने पर कांग्रेस नेता हरि कृष्ण हिमराल ने रजनी पाटिल का जताया आभार

भाजपा सांसदों पर लगाया निष्क्रियता का आरोप, कांग्रेस को बताया हिमाचल के विकास के प्रति प्रतिबद्ध

पहली खबर ब्यूरो

शिमला। कांग्रेस नेता एवं हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक हरि कृष्ण हिमराल ने हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में उठाने के लिए राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रभारी रजनी पाटिल का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाली रजनी पाटिल ने राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा और उससे हुए भारी नुकसान का मुद्दा प्रभावी तरीके से उठाया।

 

हरि कृष्ण हिमराल ने बताया कि इस आपदा के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई और राज्य के बुनियादी ढांचे को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि रजनी पाटिल ने संसद में केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को उसका वित्तीय अनुदान जारी करने की मांग की, जिससे यह साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी इस पहाड़ी राज्य के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

 

भाजपा सांसदों की चुप्पी को बताया निराशाजनक

कांग्रेस नेता ने हिमाचल प्रदेश से लोकसभा और राज्यसभा के लिए चुने गए सात सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इन मुद्दों को संसद में उठाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने इसे न केवल निराशाजनक बल्कि हिमाचल की जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात भी करार दिया।

 

उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता हिमाचल प्रदेश के लिए कोई विशेष राहत पैकेज लाने में विफल रहे हैं। इतना ही नहीं, राज्य को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता भी जारी नहीं करवाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सभी नेता राज्य की निर्वाचित कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिशों में लगे रहे, जबकि हिमाचल प्रदेश अपने इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा था।

 

कांग्रेस नेतृत्व को बताया हिमाचल का सच्चा हितैषी

हरि कृष्ण हिमराल ने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश संकट से जूझ रहा था, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, वायनाड से नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने संसद में हिमाचल के मुद्दे उठाए। वहीं, भाजपा के सांसद मूकदर्शक बने रहे और राजनीतिक लाभ के लिए चुप्पी साधे रहे।

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के निर्माण से लेकर आज तक कांग्रेस ही राज्य के विकास के लिए काम कर रही है। कांग्रेस शासन के दौरान ही आईआईटी, आईआईआईटी, एम्स, केंद्रीय विश्वविद्यालय और बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को राज्य के निर्माता के रूप में जाना जाता है, जबकि छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह को प्रदेश के विकास पुरुष के रूप में सम्मान दिया जाता है।

 

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा अपने राजनीतिक लाभ के लिए हिमाचल को पुराने और नए हिमाचल के साथ-साथ ऊपरी और निचले हिमाचल में बांटने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता भाजपा नेताओं की इस राजनीति को देख रही है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।

 

हिमराल ने केंद्र सरकार से की हिमाचल को विशेष पैकेज देने की मांग

हरि कृष्ण हिमराल ने अंत में केंद्र सरकार से मांग की कि हिमाचल प्रदेश को उसकी आपदा राहत सहायता जल्द से जल्द जारी की जाए और इस कठिन समय में राज्य को विशेष वित्तीय पैकेज दिया जाए, ताकि पुनर्निर्माण कार्य तेजी से किया जा सके। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि वे हिमाचल के मुद्दों को संसद में और मजबूती से उठाएं, ताकि राज्य को उसका हक मिल सके।

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