पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर ने बजट को बताया हिमाचल के विकास का आधार

पहली खबर ब्यूरो
शिमला। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जी.आर. मुसाफिर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पेश 2025-26 के बजट की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला, दूरदर्शी और खुशहाली लाने वाला है।
प्रेस को जारी अपने बयान में मुसाफिर ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों के लिए गाय और भैंस के दूध के समर्थन मूल्य में ₹6 की बढ़ोतरी की गई है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा, गेंहूं का समर्थन मूल्य ₹60 बढ़ाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
बेरोजगारों और श्रमिकों को मिली राहत
मुसाफिर ने कहा कि बजट में युवाओं और बेरोजगारों के लिए स्टार्टअप योजना के तहत 5% ब्याज छूट और फूड वैन खरीदने पर 30% छूट देकर स्वरोजगार को बढ़ावा देने की पहल की गई है। इसके साथ ही, मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी ₹25 बढ़ाने से श्रमिकों को राहत मिलेगी।
महिलाओं और संविदा कर्मचारियों का भी रखा गया ध्यान
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, सिलाई अध्यापकों और आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि कर सरकार ने सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा, प्रदेश में 30,000 नई सरकारी नौकरियों का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
पच्छाद क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ
मुसाफिर ने राजगढ़ में दमकल विभाग का कार्यालय, सीवरेज परियोजना की शुरुआत और घिन्नीघाट को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा नहीं, बल्कि हिमाचल के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव है।




