धोखाधड़ी मामले में श्रेयस तलपड़े को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक
Supreme Court gives relief to Shreyas Talpade in fraud case, stay on arrest

नई दिल्ली, हरियाणा के सोनीपत जिले की एक मल्टी मार्केटिंग फर्म से जुड़े धोखाधड़ी और विश्वासघात मामले में अभिनेता श्रेयस तलपड़े को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने सुनवाई करते हुए अभिनेता को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी और हरियाणा पुलिस समेत अन्य को नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।सुप्रीम कोर्ट ने तलपड़े सहित अन्य अभिनेताओं और फर्म के ब्रांड एंबेसडर को एफआईआर में शामिल करने पर हरियाणा पुलिस से जवाब मांगा है।दरअसल, मामला इंदौर में रजिस्टर्ड एक कंपनी, ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्रमोशन से जुड़ा है, जो 50 लाख से ज्यादा लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई है।सोसाइटी ने श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ को अपना ब्रांड एंबेसडर बताकर चिटफंड स्कीम निकाली थी। इस कंपनी पर आरोप है कि 6 साल में दोगुना रकम देने का झांसा देकर इसने 45 लोगों से 9.12 करोड़ रुपये ऐंठे। संचालकों ने एजेंट के तौर पर जुड़ने वालों को मैनेजर का पद देकर अन्य लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया। करोड़ों रुपये हड़पने के बाद नवंबर में सोसाइटी के ऑफिस अचानक से बंद होने लगे, जिसके बाद पीड़ितों ने अलग-अलग जगह इसको लेकर एफआईआर दर्ज कराई।इस कड़ी में सोनीपत जिले के गांव हसनपुर के युवक विपुल ने भी श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ सहित 13 लोगों के खिलाफ मुरथल पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज कराई।मामले में नामजद 13 लोगों में इंदौर के नरेंद्र नेगी, दुबई में रहने वाले समीर अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, परिक्षित पारसे, मुंबई निवासी आरके शेट्टी, मुख्य ट्रेनर राजेश टैगोर, संजय मुदगिल, हरियाणा हेड पप्पू शर्मा, चंडीगढ़ निवासी आकाश श्रीवास्तव, चेस्ट ब्रांच अधिकारी रामकंवार झा, पानीपत निवासी शबाबे हुसैन तो वहीं ब्रांड एंबेसडर के तौर पर अभिनेता आलोक नाथ और श्रेयस तलपड़े शामिल हैं।




