मोदी को विश्वास, राज्य सरकारें जीएसटी सुधार के प्रारूप को शीघ्र मंजूर करेंगी (राउंड अप)

Modi confident state governments will soon approve GST reform draft (Round Up)

नई दिल्ली, 17 अगस्त प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्वास जताया कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में अगले चरण के सुधारों के लिये केंद्र द्वारा भेजे गये प्रारुप को राज्यों का समर्थन शीघ्र मिल जायेगा और देश को जीएसटी सुधार का डबल बोनस मिलेगा। श्री मोदी ने देश में सुधारों को आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराते हुये कहा. ‘हमारे लिए सुधार का मतलब सुशासन और सुविधा है।’प्रधानमंत्री राजधानी में 11,000 हजार करोड़ रुपये की राष्ट्रीय महत्व की विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं का रिमोट कंट्रोल के जरिए उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘इस दिवाली से जीएसटी सुधार के तहत डबल बोनस मिलने जा रहा है। इसका प्रारुप सभी राज्यों को भेज दिया गया है। हमें उम्मीद है कि राज्य सरकार इसमें सहयोग कर इसे स्वीकार करेंगी। इससे जनता और कारोबार को लाभ होगा।”

श्री मोदी ने इस अवसर पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लिए बगैर संविधान की किताब दिखाने के लिए उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज जो संविधान की किताब सर पर रख कर नाचते हैं, वे किस तरह बाबा साहेब के संविधान को दगा दे रहे थे इसका उदाहरण दिल्ली के म्युनिसिपल कानून में ऐसी व्यवस्था थी जिसमें प्रावधान था कि यदि कोई सफाईकर्मी बिना बताये काम पर नहीं आया तो उन्हें एक माह के लिए जेल में डाल दिया गया।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह मोदी सरकार है जो ऐसे कानूनों को खोज खोज कर खत्म कर रही है।’ उन्होंने कहा कि दिल्ली और आस पास के राज्यों में आज भाजपा की सरकारें हैं लेकिन कुछ लोगों को भाजपा के लिए जनता का आशीर्वाद पच नहीं रहा है। श्री मोदी ने कहा, ‘जनता के आशीर्वाद के बाद हमारी जिम्मेदारी है कि हम दिल्ली और एनसीआर का विकास करें, यहां के लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करें।” उन्होंने जनता से फिर स्वदेशी अपनाने और देश को मजबूत बनाने में योगदान करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत क्या सोच रहा है, उसके सपने और संकल्प क्या है, यह सब कुछ पूरी दुनिया अनुभव कर रही है। दुनिया की पहली नजर हमारी राजधानी पर पड़ती है। इसलिए दिल्ली को विकास का एक ऐसा माडल बनाना हैँ ताकि सभी को लगे कि यह विकसित हो रहे देश की राजधानी है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में दिल्ली एनसीआर में सम्पर्क सुविधाओं का विस्तार हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो रेल नेटवकों में एक नेटवर्क एनसीआर में है। रिजनल रेल मार्ग बन गया है। हम निरंतर इस दिशा में काम कर रहे हैं। पेरिफरल रोड के बाद अर्बन एक्सटेंशन रोड 2 के बनने से दिल्ली की सुविधा बढ़ी है। इसके निर्माण में दिल्ली में कूड़े के पहाड़ का वैज्ञानिक विधि से इस्तेमाल किया गया है। इससे कूड़े के पहाड़ों के पास की आबादी को राहत मिल रही है। उन्होंने दिल्ली के विकास के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के काम की सराहना की और उनके अल्पकाल कार्यकाल में ही यमुना से 16 लाख टन गाद निकालने के काम का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सरकार के क्लीन दिल्ली,ग्रीन दिल्ली अभियान को बल मिला है।

प्रधानमंत्री ने कहा पिछली सरकारों ने दिल्ली को गढ्ढे में गिरा दिया था। दिल्ली को उस गर्त से निकालने और विकास के धरातल पर आगे बढाने के कठिन काम को भाजपा सरकार पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के सभी राज्यों में भाजपा की सरकारें है और इसलिए एनसीआर का विकास करना हमारा दायित्व है।उन्होंने कहा कि कुछ दलों को भाजपा को मिल रहे जन विश्वास पर भरोसा नहीं है। उन्होंने यमुना के पानी में हरियाणा में जहर मिलने के पिछली आप सरकार के नेताओं के बयान का भी उल्लेख किया।श्री मोदी ने कहा कि जनता ही हमारी हाई कमान है, हम जनता के जीवन को बेहतर बनायें, यही हमारी नीति और संकल्प है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में युवाओं को पारदर्शिता से नौकरी दी जा रही है। दिल्ली में झुग्गी वालों को पक्के घर, गैस कनेक्शन और बिजली दी जा रही है। पिछले 11 साल में देश में रिकार्ड सड़कें, स्टेशनों के आधुनिकीकरण का काम और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। हिंडन (गाजियाबाद) से विभिन्न शहरों को उड़ानें परिचालित की जा रही है। नोएडा एयरपोर्ट भी जल्दी ही शुरू हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय में दिल्ली में योजनाएं तो बहुत बनी लेकिन काम नहीं किया गया। जनता ने भाजपा को मौका दिया तो काम शुरू हुआ और अब हर क्षेत्र में काम हो रहा है। द्वारका एक्सप्रेस वे जैसी परियोजनाए शुरू हुयी हैं और उनकी सरकार ने अवसंरचना विकास का बजट बढ़ा दिया है।प्रधानमंत्री ने आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया उनमें द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड और शहरी विस्तार मार्ग-2 भी शामिल है।इस अवसर पर केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्य मंत्री अजय टमटा और हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के उप राज्यपाल वी के सक्सेना,मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली सरकार के मंत्रीगण, सांसद तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।श्री गडकरी ने कहा कि श्री मोदी ने 2014 में हमारे सामने विश्वस्तरीय अवसंरचना सुविधाओं का विकास करने का दायित्व सौंपा था। उस समय दिल्ली की स्थिति ठीक नहीं थी। हमने दिल्ली को जाम से मुक्त कराने के लिए पहले चरण में 65000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को शुरू किया। आज 48000 करोड़ रुपये का काम पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि आज जिन परियाेजनाओं काे अनेक अड़चन पार कर विकास किया गया है,वह विश्वस्तरीय है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली और हरियाणा सरकारों के सहयोग के लिए सराहना की। श्री गडकरी ने इन परियोजनाओं के निष्पादन में एनएचएआई के इंजीनियरों और अधिकारियों के काम की सराहना की।राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘हमें लॉजिस्टिक्स लागत 16 प्रतिशत से नीचे लाने का प्रधानमंत्री ने लक्ष्य दिया था। ताजा अध्यक्षन में कहा गया है कि सड़क परियोजनाओं के विकास से इसमें छह प्रतिशत की कमी आयी है। श्री गड़करी ने इसे एकल अंक में लाने का प्रधानमंत्री से वायदा किया और कहा कि इससे देश के निर्यात को और प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने दिल्ली को जाम और प्रदूषण से मुक्त करने में अपने विभाग के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन परियोजनाओं को दिल्ली के लिए प्रधानमंत्री की सौगात बताया। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री सैनी ने आधारभूत सुविधाओं का देश में विस्तार करने के प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों का जिक्र करते हुए उनका स्वागत करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से पूरे एनसीआर में सम्पर्क सुविधाओं का विस्तार होने जा रहा है।उन्होंने स्वदेशी के प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से हरिणाया के निर्यात और आयात को बढ़ावा मिलेगा।

सभा में आने से पहले प्रधानमंत्री ने इन नई विकसित परियोजनाओं के मॉडल का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने मोटर काफिले के साथ चलते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे एकत्रित जनसमुदाय का अभिवादन किया।श्री मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं से लोगों का आना जाना आसान होगा तथा खेती और कारोबार में सहूलियत होगी।

द्वारका एक्सप्रेसवे का 10.1 किलोमीटर लंबा दिल्ली खंड लगभग 5,360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह खंड यशोभूमि, डीएमआरसी ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन, आगामी बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा। इस खंड में पैकेज-एक : शिव मूर्ति चौराहे से द्वारका सेक्टर-21 स्थित रोड अंडर ब्रिज तक 5.9 किमी का है। इसका दूसरा पैकेज द्वारका सेक्टर-21 से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक 4.2 किमी लंबा है। यह शहरी विस्तार मार्ग-दो से सीधा संपर्क प्रदान करता है।

द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किमी लंबे हरियाणा खंड का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने मार्च 2024 में किया था।श्री मोदी ने इस समारोह में 5,580 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहादुरगढ़ और सोनीपत के लिए नए संपर्क मार्गों के साथ-साथ शहरी विस्तार मार्ग-दो (यूईआर-दो) के अलीपुर से दिचाऊ कलां खंड का भी उद्घाटन किया। इससे दिल्ली के आंतरिक और बाहरी रिंग रोड और मुकरबा चौक, धौला कुआं और एन एच नौ जैसे व्यस्त स्थानों पर यातायात सुगम होगा। इस परियोजना से बहादुरगढ़ और सोनीपत तक सीधी सड़क सुविधा हो गयी है।सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से दिल्ली महानगर और आस-पास के शहरों में यातायात सुविधा बढ़ेगी तथा इससे माल की आवाजाही में आसानी और तेजी होगी।

 

 

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