महिलाओं, बच्चों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करता बजट: नई योजनाओं की सौगात

पहली खबर ब्यूरो

 

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत 2025-26 का बजट महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों को आर्थिक संबल देने की दिशा में कई नई योजनाओं के साथ आया है। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए हैं, जो प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

महिलाओं के लिए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का विस्तार

सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का विस्तार करते हुए 21 वर्ष की पात्र बेटियों को जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक हर महीने 1500 रुपये देने की घोषणा की है। घरेलू कामगार महिलाओं और विधवाओं की बेटियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। साथ ही, विधवाओं की बेटियों को प्रोफेशनल कोर्स की पूरी फीस और हॉस्टल शुल्क भी सरकार वहन करेगी

अंतर्जातीय और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन राशि में वृद्धि

सरकार ने अंतर्जातीय विवाह और दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह की प्रोत्साहन राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी। इससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा और दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक संबल मिलेगा।

सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में नए कदम

  • बीपीएल परिवारों में जन्मी बेटियों के लिए इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना शुरू की गई, जिसके तहत जन्म पर 25,000 रुपये बीमा कंपनी में जमा होंगे, और बालिका को 18 या 27 वर्ष की उम्र में यह राशि दी जाएगी।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए एंड-टू-एंड ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिससे पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों का स्वत: सत्यापन हो सकेगा।
  • 37000 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में जोड़ा जाएगा

शिक्षा और आंगनवाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप

सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से सभी 18,925 आंगनवाड़ी केंद्रों को आंगनवाड़ी सह-प्री-स्कूल के रूप में नामित करने की घोषणा की। यहां एनसीईआरटी और एनआईपीसीसीडी पाठ्यक्रम के तहत 3-6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी

महिलाओं के लिए 13 नए वर्किंग वुमन हॉस्टल

महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था देने के लिए 132 करोड़ रुपये की लागत से सोलन, नीरी, दरुही, पालमपुर, बद्दी समेत 13 स्थानों पर वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाए जाएंगे

नशा मुक्ति और वृद्धाश्रमों की स्थापना

सरकार तीन नए नशा रोकथाम एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करेगी, ताकि नशे के बढ़ते प्रचलन को रोका जा सके। इसके अलावा, निजी भागीदारी से वृद्धाश्रम और वरिष्ठ नागरिक गृह बनाए जाएंगे

सकारात्मक कदम या सिर्फ घोषणाएं?

सरकार के इन फैसलों को महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बताया जा रहा है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि पहले की घोषणाओं को लागू करने में देरी हुई थी, ऐसे में देखना होगा कि ये योजनाएं कब तक जमीन पर उतरती हैं। 

हिमाचल सरकार का यह बजट सामाजिक सुरक्षा, महिला कल्याण और शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इन योजनाओं को कितनी तेजी से लागू कर पाती है और जनता को इसका कितना लाभ मिलता है

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