विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में गुरुवार को नहीं हुआ कोई कामकाज

There was no work done in Parliament on Thursday due to uproar by the opposition

नई दिल्ली, राज्य सभा और लोक सभा में विपक्ष ने गुरुवार को बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया वापस लेने और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया जिसके कारण दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया जिससे सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों ने राज्य सभा में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन जबरदस्त हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।हंगामे के कारण राज्य सभा में लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी।सुबह के स्थगन के बाद दो बजे जब सदन पुन: समवेत हुआ, तो पीठासीन उप सभापति भुवनेश्वर कलिता ने समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक 2025 पर चर्चा शुरू करने के लिए अन्नाद्रमुक के एम तंबी दुरै का नाम पुकारा। श्री दुरै के बोलने के लिए खड़े होते ही विपक्ष के सदस्य अपनी जगह से उठकर आसन के निकट आ गये और बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा बढ़ता देख भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने नियम 235 के तहत व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए विपक्षी सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। इस पर सदन में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने भी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है।श्री कलिता ने विपक्षी सदस्यों से अपनी जगह पर लौटने की अपील करते हुए सदन में शांति बनाए रखने को कहा। उनकी बात का असर न होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।इससे पहले पूर्वाह्न सदन ने अपने छह सदस्यों को उनका कार्यकाल पूरा होने पर भावभीनी विदाई दी।उप सभापति हरिवंश ने सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सदस्यों को बताया कि पट्टालि मक्कल काच्चि के अंबुमणि रामदास, द्रविड मुनेत्र कषगम के पी विल्सन, एमडीएमके के वाइको, अन्नाद्रमुक के एम चंद्रशेखरन, द्रमुक के एम शनमुगम और द्रमुक के ही एम मोहम्मद अब्दुल्ला का कार्यकाल आज पूरा हो रहा है। विभिन्न सदस्यों ने कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों के योगदान की चर्चा की और उनके सक्रिय जीवन कामना।सदस्यों को विदाई एवं शुभकामनाएं दिये जाने के बाद करीब साढ़े बारह बजे उपसभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करनी चाही तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने शोर शुरू कर दिया। सभापति ने कहा, “यह प्रश्नकाल है, प्रश्नकाल सदस्यों का समय होता है, कृपया आप सभी अपनी सीटों पर वापस जायें और कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दें।उन्होंने कहा, “अभी तक सदन कितना अच्छी तरह चल रहा था। राज्यसभा कैसे कार्य करती है यह सभी ने देखा, कृपया अपनी सीटों पर वापस जायें और सदन की कार्यवाही चलने दें।”श्री हरिवंश ने उनकी बात का असर न होते देख कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।उल्लेखनीय है कि विपक्षी सदस्य बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण प्रकिया के विरोध में लगातार हंगामा कर रहे हैं। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए आज भी कार्यस्थगन प्रस्ताव का नाेटिस दिया था। संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ था। पहले दिन सदन में सुचारू ढंग से कामकाज हुआ लेकिन मंगलवार से विपक्षी सदस्य सदन में लगातार हंगामा कर कार्यवाही बाधित कर रहे हैं जिससे तीन दिन से उच्च सदन में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका है।

लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों के बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को वापस लेने और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने की मांग को लेकर गुरुवार को लगातार चौथे दिन हंगामा किया जिससे सदन में कोई कामकाज नहीं हो सकता।पूर्वाह्न 11 बजे जैसे ही प्रश्न काल शुरू हुआ विपक्षी सदस्य एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रश्न काल बहुत महत्वपूर्ण होता है, सदस्यों से जनता की अपेक्षायें होती हैं, जनता अपनी मांगों और मुद्दों को उठाने के लिये सदस्यों को चुनकर यहां भेजती है। उन्होंने कहा कि कई प्रक्रियायें पूरी करने के बाद सदस्यों को यहां अपने प्रश्न पूछने का मौका मिलता है, सदन की कार्यवाही चलने दें और प्रश्न काल के बाद अपने मुद्दे यहां रखें, नियमानुसार उन पर चर्चा करायी जायेगी।

श्री बिरला ने कांग्रेस सदस्य के सी वेणुगोपाल का नाम लेते हुए कहा कि वह अपने दल के सदस्यों को समझायें, उनके दल के सदस्यों का यह आचरण सदन की गरिमा और मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उनकी इतनी पुरानी पार्टी है, उसके सदस्यों का इस सदन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग रहा है। अब जनता उनके दल के सदस्यों का यह व्यवहार-आचरण देख कर क्या कह रही होगी?उन्होंने कहा कि वह पुन: अपील करते हैं कि सदस्य अपने-अपने स्थानों पर जायें और सदन की कार्यवाही चलने दें।हंगामा कर रहे विपक्षी दल के सदस्यों पर श्री बिरला की अपील का जब कोई असर नहीं हुआ तो श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी।पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने अपराह्न दो बजे जैसे ही दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू की, विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में तख्तियां लेकर सदन के बीचोबीच आकर नारेबाजी करने लगे। पीठासीन अधिकारी ने शोरशराबे के बीच ही जरूरी कागजात पटल पर रखवाये। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि आज गोवा के अनुसूचित जनजाति से संबंधित विधेयक पर चर्चा होनी है, इसलिए सदस्य अपनी सीटों पर जाकर उसमें भाग लें। उनका कहना था कि इसे कल भी चर्चा के लिए रखा गया था, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया, जिसके कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।

इस बीच, विधि एवं न्याय राज्य मंत्री मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध है लेकिन आप अनुसूचित जनजाति के हितों का ध्यान नहीं रखना चाहते हैं। यह महत्वपूर्ण विधेयक है। पहली बार गोवा के अनुसूचित जनजाति को प्रतिनिधित्व देने वाला विधेयक आया है। सभापति ने कहा कि कल भी गोवा राज्य, सभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति प्रतिनिधित्व का पुनःसमायोजन विधेयक 2014 चर्चा और पारित करने के लिए लाया गया, लेकिन सदन नहीं चलने दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर आप तख्तियां दिखायेंगे, तब सदन की कार्यवाही नहीं चल सकेगी।

सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने एक बार के स्थगन के बाद दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थानों से उठकर आसन की तरफ बढ़ते हुए नारेबाजी करने लगे और एसआईआर को वापस लेने की मांग करने लगे।उन्होंने कहा, यह महत्वपूर्ण विधेयक है। आप नहीं चाहते है कि अनुसूचित जनजाति के बारे में चर्चा हो, यह उचित नहीं है।” उन्होंने सदस्यों से अपने-अपने स्थान पर जाने के लिए बार-बार आग्रह किया, लेकिन हंगामा रुका नहीं, तब सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button