देशभर में कई जगहों पर मॉक ड्रिल शुरू, युद्ध जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी हुई तेज
Mock drills started at many places across the country, preparations intensified to deal with war-like situations

नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में बढ़ते तनाव और संभावित हमले की आशंका के मद्देनजर आज देश भर में मॉक ड्रिल किया जा रहा है। बता दें कि, इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से सभी राज्यों को निर्देश जारी किया गया था। जिसके बाद आज देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई और मध्य प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल किया जा रहा है।
युद्ध और आपातकाल के दौरान की जाती है मॉक ड्रिल बता दें कि, नागरिक सुरश्रा मॉक ड्रिल आमतौर पर युद्ध और आपातकाल की स्थिति में की जाती है। जिसमें आम नागरिकों को इस दौरान होने वाले संभावित खतरे से बचने और उनसे निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है।
मॉक ड्रिल के लिए गृह मंत्रालय का निर्देश गृह मंत्रालय की तरफ से मॉक ड्रिल वाली जगहों को तीन कैटेगरी के आधार पर बांटा गया है। जिसमें कैटेगरी-1 में सबसे संवेदनशील जगहें शामिल है, कैटेगरी -2 में संवेदनशील जगहें है और कैटेगरी -3 में कम संवेदनशील जगहों को रखा गया है।
दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर मॉक ड्रिल केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (एमएचए) के आदेश पर बुधवार को देशभर में मॉक ड्रिल (आपातकालीन अभ्यास) आयोजित किया गया। इस कड़ी में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) के टर्मिनल 3 पर भी एक बड़ी मॉक ड्रिल की गई। ड्रिल के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट स्टाफ ने मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया और यात्रियों को दिशा-निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
दिल्ली में मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को सिखाई गई आपातकाल में बचाव की तैयारी राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के विभिन्न इलाकों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। पश्चिमी दिल्ली की जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. किन्नी सिंह ने बताया कि डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स में मॉक ड्रिल की गई, जिसमें स्थानीय निवासियों को आपातकालीन हालात से निपटने की जानकारी दी गई। डॉ. सिंह ने आगे बताया कि लोगों को बताया गया कि संकट की घड़ी में क्या करना चाहिए, कहां शरण लेनी चाहिए और अफवाहों से कैसे बचा जाए। उन्हें सुरक्षित स्थानों और आश्रय स्थलों की जानकारी भी दी गई। इस अभ्यास का उद्देश्य लोगों को सतर्क करना और तैयार रहना सिखाना है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले से बचाव को लेकर लोगों को किया गया सतर्क देहरादून के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर हर जगह मॉक ड्रिल की जा रही है। इसी कड़ी में एक जगह सायरन बजाकर अभ्यास किया गया और सिविल डिफेंस टीम के साथ मिलकर आम लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का मकसद यह सिखाना है कि हवाई हमला या किसी भी तरह के हमले के समय कैसे खुद को सुरक्षित रखा जाए और किन बातों का ध्यान रखा जाए। इससे भविष्य में अगर कोई आपात स्थिति आती है, तो समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। इस दौरान लोगों को बताया गया कि ऐसे हालात में घबराने की बजाय सतर्क रहना, अफवाहों से बचना और सरकारी निर्देशों का पालन करना कितना जरूरी है।
मॉक ड्रिल के दौरान देहरादून के आईएसबीटी और कॉलोनी में बचाव अभ्यास, लोगों से सतर्क रहने की अपील देहरादून के आईएसबीटी और एमडीडीए कॉलोनी में एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इस दौरान सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन भी किया गया। मामले में एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि यह अभ्यास युद्ध जैसी स्थिति में लोगों को सही तरीके से प्रतिक्रिया देना सिखाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि इस समय हालात युद्ध की ओर इशारा कर रहे हैं, ऐसे में जरूरी है कि लोग घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें, घरों के परदे खींचे रखें, लाइटें बंद रखें और अपने आस-पास के लोगों की खैरियत पूछते रहें।
पटना सहित बिहार के छह जिलों में हुआ मॉक ड्रिल का आयोजन पटना। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच आज देश भर में हवाई हमले की स्थिति में खुद को बचाव की तैयारी के लिए मॉक ड्रिल (रिहर्सल) का आयोजन किया गया । बिहार के 6 जिलों में मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। शाम 6.58 बजते ही शहरी क्षेत्रों में हमले की चेतावनी देते हुए सायरन बजाए गए।सायरन बजते ही पटना, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और बेगूसराय में बिजली काट दी गई। 7 बजकर 10 मिनट तक पावर कट रहा। इस दौरान लोगों से घर-दुकानों में इन्वर्टर से भी लाइट न जलाने की अपील की गई थी। सड़क पर वाहनों को रुकवाकर उनकी लाइटें बंद करवाई गई । पटना के महावीर मंदिर की लाइट आधा घंटा पहले ही बंद कर दी गई थी।बिहार की औद्योगिक नगरी बेगूसराय में मॉक ड्रिल के तहत शहर में 10 मिनट तक ब्लैकआउट रहा। सायरन बजने के बाद शहर की बिजली काट दी गई। लोगों ने भी अपने घरों की इन्वर्टर से लाइट बंद कर दी।उल्लेखनीय है कि मंगलवार की देर रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश के ठिकानों पर जबरदस्त बमबाजी की। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इस हमले में आतंकवादियों के 9 ठिकाने पूरी तरह से तबाह हो गए। भारत ने यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद की।
कर्नाटक में हुई मॉक ड्रिल, तटवर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बेंगलुरू। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बेंगलुरू सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मॉक ड्रिल आयोजित किए गए। बेंगलुरू में 35 स्थानों पर सायरन बजाकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इसकी शुरूआत हलसूरु झील में नौका विहार बचाव अभियान चलाकर की गई। इसके अलावा अग्निशमन विभाग कार्यालय परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर भी मॉक ड्रिल की गई। विभिन्न स्थानों पर ध्वनि के माध्यम से चेतावनी देने के लिए सायरन भी बजाया गया। अधिकारियों ने आम जनता को जागरूक करते हुए कहा कि वे इस तरह की आवाज से घबराएं नहीं। कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तटरक्षक अधिकारियों ने मंगलुरु के बंदरगाह क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मछुआरों के रिकार्ड की जांच की जा रही है। संदिग्ध नौकाओं पर निगरानी रखी जा रही है। तटरक्षक बल और पुलिस के जवान उत्तर कन्नड़ जिला सहित तटीय क्षेत्रों में 24 घंटे गश्त कर रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षाकर्मी कारवार के निकट समुद्र में लगातार गश्त कर रहे हैं।
हरियाणा के 22 जिलाें में मॉक ड्रिल का आयोजन चंडीगढ़। हरियाणा के 22 जिलों में बुधवार को मेगा सिविल डिफेंस ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला स्तर पर उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों ने इस आयोजन की निगरानी की। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी अधिकारियों को इस संबंध निर्देश जारी किए। प्रदेश भर में एक साथ शाम 04 बजे हवाई हमले, इमारत ठहने, आग लगने, गैस लीक होने तथा भगदड़ मचने जैसी संकेतिक घटनाओं के आधार पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके बाद शाम 7.50 से 08 बजे तक ब्लैक आउट करके युद्ध के संकेत के रूप में ड्रिल की गई। हरियाणा गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने पंचकूला में स्थापित कंट्रोल रूम से ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत प्रदेश में आयोजित मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग की। इस दौरान उन्होंने डायल 112 पर आने वाली फोन कॉल्स के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह मॉक ड्रिल आपातकालीन स्थिति के लिए खुद को तैयार करने के लिए है। किसी भी नागरिक को घबराने या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दी जा रही सूचनाओं का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार रखें। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में मॉक ड्रिल की गई है और कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश की लाइव फीड पर नजर रखी जा रही है। कई जगहों पर मॉल्स में मॉक ड्रिल की गई है, तो कई जगहों पर जिला सचिवालयों में यह अभ्यास किया गया है। यह सभी जिलों में चल रहा एक व्यापक अभ्यास है। उन्होंने आपदा की तैयारियों को बढ़ाने और आपात स्थिति के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में इस तरह की मॉक ड्रिल के महत्व पर जोर दिया।
दिल्ली के आरएमएल, सफदरजंग, एलएनजेपी समेत कई अस्पतालों में आयोजित की गई मॉक ड्रिल नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को सफदरजंग, आरएमएल, एलएनजेपी समेत कई अस्पतालों में सिविल डिफेंस के तहत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आपातकालीन विभाग में प्रमुख कर्मियों की वास्तविक समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की गई। इसके साथ मॉक ड्रिल के सभी निर्देशों का अनुपालन किया गया। अस्पतालों में शाम 4 बजे से शुरू इस मॉक ड्रिल में युद्ध के दौरान आपात स्थिति में घायल लोगों के तेजी से उपचार प्रबंधन का अभ्यास किया गया।आरएमएल अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा के विभागाध्यक्ष डॉ. अमलेन्दु यादव ने बताया कि बम विस्फोट परिदृश्य का अनुकरण करने वाला एक सामूहिक दुर्घटना मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इसमें करीब 15-20 गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को शामिल किया गया । इसमें सामान्य चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोसर्जरी, बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, रेडियोडायग्नोसिस, सीटी, एमआरआई, सहित आपातकालीन इमेजिंग को शामिल किया गया। ड्रिल को न केवल तैयारी का आकलन करने के लिए बल्कि सिस्टम की खामियों की पहचान करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया था। सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई को शामिल करते हुए एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।सफदरजंग अस्पताल में भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वे किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार और सुसज्जित हैं। आपदा प्रबंधन समिति व्यापक प्रोटोकॉल और संसाधनों के साथ आपातकालीन स्थितियों सेनिपटने के लिए तैयार है। वहीं फोर्टिस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. प्रवीण गुप्ता ने कहा कि यह मॉक ड्रिल सिर्फ एक तैयारी का हिस्सा है। लोगों को इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मॉक ड्रिल न केवल देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का काम करती हैं, बल्कि आपात स्थिति में जनता की सेहत और सुरक्षा बनाए रखने में स्वास्थ्य सेवाओं की अहम भूमिका को भी उजागर करती हैं।
हैदराबाद और विशाखापत्तनम में मॉक ड्रिल, आपातस्थिति में बचने की दी जानकारी हैदराबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर तेलुगु भाषाई राज्यों के हैदराबाद और विशाखापत्तनम शहरों में सिविल मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक कराया गया। अर्द्धसैनिक बलाें के जवानाेें ने लाेगाें काे युद्ध की स्थिति और आपात स्थिति में नियमाें का पालन करने और अपने बचाव के तरीकाें काे समझाया।केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार हैदराबाद में नगरपालिका (जीएचएमसी) के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्राें के चाैराहाें पर दो मिनट तक सायरन बजाया गया। शहर के चारऔद्योगिक और रक्षा मंत्रालय से जुड़े क्षेत्र नानलनगर, कंचनबाग, सिकंदराबाद, ईसीआईएल एनएफसी में मॉक ड्रिल की गई। शहर के पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर के वरिष्ठ अधिकारियाें की निगरानी में हुईमाॅक ड्रिल के दाैरान एनडीआरएफ, पुलिस, और अर्द्धसैनिक बलाें के जवानाें ने नागरिकों को युद्ध की स्थिति वाले नियमों के बारे में समझाया और आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया करने की जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल के दाैरान ऐसे दृश्य बनाए गए, जिसमें फायरिंग और बम की धमाकाें की आवाज की गई। किसी बिल्डिंग में घुसकर फायरिंग के दाैरान वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।हैदराबाद के एक रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय कॉलोनी के पास 24 मंजिला बिल्डिंग को कैसे सुरक्षित तरीके से खाली कराया जाए, इस पर भी पुलिस और नागरिकों को अवगत कराया गया। माॅक ड्रिल में अग्निशमन कर्मियों सहित 12 विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य के दूसरे शहर विशाखापत्तनम के पुराने पोस्ट ऑफिस चौराहे पर मॉक ड्रिल किया गया। लोगों को आपातकालीन स्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया। लोगों और बचावकर्मियों को अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इस मॉक ड्रिल की शुरुआत सायरन की आवाज़ के साथ हुई। विशाखापत्तनम नाैसेना, अर्द्धसैनिक बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।




