लंदन जाने का मिला न्योता तो खुशी का नहीं रहा ठिकाना

When I got an invitation to go to London, my happiness knew no bounds

नई दिल्ली, लंदन से मिले न्‍योता को देखकर हिसार का एक युवक का मन खुशी से झूम उठा। वहीं, लंदन जाने के लिए जब यह युवक एयरपोर्ट पहुंचा, तो वहां उसे झटका लगा, जिससे उसके होश उड़ गए। दरअसल यह मामला दिल्‍ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट का है और हिसार में रहने वाले अनिल से जुड़ा हुआ है।आईजीआई एयरपोर्ट के सीनियर पुलिस ऑफिसर के मुताबिक 25 साल के अनिल लंदन जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा। चेकइन प्रॉसेस तक तो सबकुछ ठीक था, लेकिन जैसे ही वह डॉक्‍यूमेंट स्‍क्रुटनी के लिए ब्‍यूरो ऑफ इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचा तो उसे झटका लगा, जिसने उसकी खुशियों पर पानी फेर दिया। इमिग्रेशन अफसर से उसे पता चला कि उसके पासपोर्ट में लगा लंदन का वीजा फर्जी है। इसके बाद ब्‍यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने आरोपी अनिल को हिरासत में लेकर आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसे लंदन का यह वीजा करनजीत और गवी नामक एक एजेंट के जरिए मिला था। इस वीजा के एवज में उसने 12 लाख रुपए का भुगतान किया है। करनजीत और गवी ने उसे शारजाह के रास्‍ते लंदन भेजने की बात कही थी। दोनों एजेंट्स ने उसके लिए शारजाह और लंदन के एयर टिकट की व्‍यवस्‍था भी की थी।

सीनियर पुलिस ऑफिसर के मुताबिक आरोपी पैसेंजर अनिल के कबूनामें के आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने अनिल के साथ-साथ करनजीत और गवी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस मामले में अनिल की गिरफ्तारी के बाद करनजीत और गवी की गिरफ्तारी के लिए कवायद शुरू की गई। दोनों आरोपी करीब तीन साल तक पुलिस की गिरफ्तर से बचने में कामयाब रहे। उन्‍होंने बताया कि करीब तीन साल की लंबी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी गवी का असली नाम अमित भारद्वाज है और वह पंजाब के कपूरथला का रहने वाला है। वहीं इस मामले में करनजीत सिंह नामक आरोपी को कमीशन के तौर पर दो लाख रुपए मिले थे। दोनों से पूछताछ के बाद एयरपोर्ट पुलिस के सामने गुरमीत सिंह नामक तीसरे आरोपी का नाम भी सामने आया है।

 

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