अमेरिकी शुल्क मामले पर हम देश के साथ, क्या प्रधानमंत्री ट्रंप के आरोपों पर चुप रहेंगे : खरगे

We are with the country on the US tariff issue, will the Prime Minister remain silent on Trump's allegations: Kharge

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की ”सामरिक स्वायात्तता” पर हमला किया गया है और मुख्य विपक्षी दल देश के साथ खड़ा है।उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन आरोपों पर चुप रहेंगे जो ट्रंप ने भारत के खिलाफ लगाए हैं?राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा, ”मोदी सरकार को ‘पीआर’ की चिंता के बजाय, देश की चिंता करनी चाहिए।”खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”युद्धविराम को लेकर ट्रंप के बयानों पर मोदी जी ने संसद में मौन व्रत धारण कर रखा था। अब ट्रंप ने भारत पर जो बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, क्या उसपर भी मोदी चुप रहेंगे ?”उन्होंने कहा, ”नरेन्द्र मोदी जी, देश सबसे पहले है और हम देश के साथ हैं।”खरगे ने कहा, ”ट्रंप ने हमारे ऊपर 25 प्रतिशत शुल्क और जुर्माना थोपा है। इससे देश के व्यापार को नुक़सान होगा, एमएसएमई और किसान पर भी बुरा असर पड़ेगा। कई उद्योगों को भारी क्षति होगी।”उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री महीनों से अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बात कर रहे हैं तथा कुछ तो कई दिनों तक वाशिंगटन में डेरा डाले बैठे रहे।कांग्रेस अध्यक्ष ने कटाक्ष किया, ”आपके (मोदी) दोस्त “नमस्ते ट्रंप” और “अबकी बार, ट्रंप सरकार” ने आपकी दोस्ती का हमारे देश को ये सिला दिया?खरगे के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुल्क की वजह बताई है कि भारत रूस से तेल आयात कर रहा है और हथियार खरीदता है, भारत ब्रिक्स का सदस्य है और ब्रिक्स द्वारा अमेरिकी डॉलर पर हमला किया जा रहा है।न्होंने कहा, ”यह भारत की “सामरिक स्वायत्तता” वाली राष्ट्रीय नीति पर कड़ा प्रहार है। इतिहास गवाह है कि गुटनिरपेक्षता हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण नीति रही है। सभी सरकारों ने, चाहे वह किसी भी पार्टी की हो, सभी ने देशहित में दुनिया के देशों से दोस्ती मज़बूत की है।”

 

उन्होंने उल्लेख किया, ”संप्रग सरकार में मनमोहन सिंह जी ने हमें अमेरिका सहित, 45 देशों से परमाणु रियायत दिलवाई थी। अमेरिका ने हमारा साथ दिया था। उसके लिए उन्होंने अपना क़ानून बदला। पर भारत केवल अमेरिका से परमाणु ईंधन और सामग्री लेने के लिए बाध्य नहीं था। हमारे विकल्प खुले थे।”

 

खरगे ने आरोप लगाया, ”आपकी (मोदी) सरकार की विदेश नीति ने उस राष्ट्रीय नीति को गहरा धक्का पहुंचाया है।”

 

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ”ट्रंप पाकिस्तान के साथ तेल भंडार पर समझौता करने की बात कर रहें हैं। भारत को धमका रहे हैं और आप चुप्पी साधे बैठें हैं। हम इस नए अमेरिका-चीन-पाकिस्तान गठजोड़ से चिंतित हैं।”

 

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