वीएचपी का अखिलेश यादव पर तंज, कहा- जिनकी नाक मधुशाला की आदी हो उनको गौशाला में से कैसे आ सकती है सुगंध
VHP taunts Akhilesh Yadav, says- How can those whose nose is used to Madhushala smell the fragrance of Gaushala

नई दिल्ली, समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ‘गौशाला की दुर्गंध’ बनाम ‘इत्र की सुगंध’ बयान ने सियासी पारे को बढ़ा दिया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने अखिलेश यादव के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा गौभक्त हिंदू समाज पार्टी को समय पर मजा चखाएगा।वीएचपी प्रवक्ता ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “जिन्हें गौ माता में से बदबू आती हो वे क्या यदुवंशी कहला सकते हैं? जिन्हें गौशाला में से बदबू आती हो वे क्या गोपाल श्री कृष्ण के भक्त कहला सकते हैं? जिनकी नाक मधुशाला की आदी हो उनको गौशाला में से सुगंध कैसे आ सकती है!”विनोद बंसल ने आगे कहा, “जो युद्ध वीर राणा सांगा को गद्दार बताते हों उन्हें माताओं में से दुर्गंध ही आयेगी ना! जो अपने बाप का नहीं, चाचा-ताऊ का नहीं, गौ माता का कैसे हो सकता है! नमाजवादी पार्टी के सरगना को गौमाता और हिंदू धर्म के इस अपमान पर अविलंब क्षमा याचना करनी चाहिए अन्यथा गौभक्त हिंदू समाज पार्टी को समय पर मजा चखाएगा। ध्यान रहे कि गौ माता या भक्तों पर जिसने भी प्रहार किया वह उसके कोप से बचा नहीं।”बता दें कि अखिलेश यादव ने कन्नौज में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि यहां हमने भाईचारे की खुशबू फैलाई है। दूसरी तरफ भाजपा नफरत की बदबू फैलाती है। मैं कन्नौज के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे भाजपा द्वारा फैलाई गई इस दुर्गंध को दूर करें- कुछ हद तक यह पहले ही साफ हो चुकी है, लेकिन अगले चुनाव में इसे पूरी तरह से हटा दें ताकि कन्नौज का रुका हुआ विकास आगे बढ़ सके।इसके बाद अखिलेश ने गौशाला को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “भाजपा के लोग दुर्गंध पसंद करते हैं, इसलिए गौशाला बना रहे हैं। हम सुगंध पसंद कर रहे थे, इसलिए इत्र पार्क बना रहे थे। यूपी की योगी सरकार प्रदेश में सांड पकड़ने का काम कर रही है।”




