कांग्रेस में लड़ाई, “तेरी यात्रा बनाम मेरी यात्रा” पर आई

The fight in Congress came down to "your journey vs my journey"

चडीगढ़,हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी इस कदर बढ़ गई है कि अब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को टुकड़े टुकड़े पार्टी नाम दे दिया है। भाजपा से टकराने निकले कांग्रेस  नेताओं में एक दूसरे को ही काटने के लिए इस कदर होड़ लगी है कि यात्रा और रैलियों के नाम पर सभी अपनी-अपनी ढपली और अपना-अपना राग अलाप रहे हैं। भूपेंद्र हुड्डा की मनमर्जी के खिलाफ आवाज उठाने वाली कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री कुमारी शैलजा पहले ही हुड्डा की हरियाणा हिसाब मांगे यात्रा से अलग अपनी कांग्रेस संदेश यात्रा निकालकर भूपेंद्र हुड्डा की यात्रा की हवा निकाल चुकी है, लेकिन अब कांग्रेस में एक टुकड़ा और हो गया है। सदा कुमारी शैलजा के गुट में खड़े दिखाई देने वाले रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अलग चलने का निर्णय लिया है। रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश में परिवर्तन रैली करने की घोषणा की है।  जिसकी शुरुआत आज रणदीप सिंह सुरजेवाला पानीपत से कर रहे हैं। हालांकि इसके बाद भी कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया हरियाणा कांग्रेस के अंदर गुटबाजी से इनकार करते हैं।जबकि सच्चाई यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे व रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा प्रदेश कांग्रेस द्वारा अधिकृत कार्यक्रम “हरियाणा मांगे हिसाब” अभियान के तहत पूरे प्रदेश की विधानसभाओं में पदयात्रा निकल रहे हैं, तो कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व सिरसा सांसद कुमारी सैलजा द्वारा पूरे प्रदेश में “कांग्रेस संदेश यात्रा” निकल रही  हैं।  कुमारी सैलजा का कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस द्वारा अधिकृत नहीं है, किंतु प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कुमारी सैलजा के कार्यक्रम का विरोध भी नहीं किया जा रहा है।
कुमारी सैलजा की तर्ज पर ही राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला भी पूरे प्रदेश में परिवर्तन रैली निकालने जा रहे हैं। जिसकी शुरुआत रणदीप सिंह सुरजेवाला पानीपत अनाज मंडी से कर रहे हैं। पानीपत अनाज मंडी में आज आयोजित परिवर्तन रैली के संयोजक बलकार सिंह हैं।
खेमों में बंटी कांग्रेस पर भाजपा भी तीखा प्रहार कर रही है। भाजपा ने कांग्रेस को टुकड़े टुकड़े पार्टी कहना शुरू कर दिया है।
दूसरी तरफ कांग्रेस की फूट विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर बुलाई गई कांग्रेस की बैठक में भी न सैलजा पहुंची और न ही रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मीटिंग को अटैंड किया। हालांकि इस बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, बिरेंद्र सिंह आदि नेता थे, लेकिन सुरजेवाला और सैलजा ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। ये बात ओर है कि हरियाणा प्रभारी दीपक बावरिया मीडिया के सामने तो गुटबाजी से इंकार करते रहे, लेकिन सैलजा और सूरजेवाला के नहीं पहुंचने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
कांग्रेस की इस गुटबाजी के चलते अब कांग्रेस के उन नेताओं में घोर निराशा है, जो चुनाव लड़ने के लिए 20 -20 हजार रुपए जमा करा चुके हैं। कांग्रेस के दावे को ही सच मान लिया जाए तो 2500 लोग ऐसे हैं। सूत्रों का कहना है कि गुटबाजी से निराश होकर पैसे जमा कराने वाले कांग्रेसी अब किसी तरह अपना पैसा वापिस पाना चाहते हैं और  इसके लिए वे रास्ता खोज रहे हैं।

भाजपा का कांग्रेस पर तंज
भाजपा हरियाणा के मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी ने तो कांग्रेस को टुकड़े टुकड़े पार्टी कह दिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेसी नेताओं का मकसद सत्ता में आकर प्रदेश का भला करना नहीं है, बल्कि सत्ता में आकर व्यक्तिगत स्वार्थ पूरा करना चाहते हैं। इसलिए स्वार्थ से भरी कांग्रेस में जिस तरह का बिखराव है, वह स्वाभाविक है।

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