‘शिवार्घ्य: भारतीय शास्त्रीय नृत्य महोत्सव में पुरुष नर्तकों की प्रस्तुतियां होंगी
'Shivarghya: Indian classical dance festival will feature performances by male dancers

नई दिल्ली, भारतीय शास्त्रीय नृत्य को समर्पित ‘शिवार्घ्य’ महोत्सव का पांचवां संस्करण इस बार देशभर के 18 प्रतिभाशाली पुरुष नर्तकों को मंच प्रदान करेगा।यह महोत्सव 23 फरवरी को प्रसिद्ध नृत्यांगना सरोजा वैद्यनाथन के भरतनाट्यम संस्थान ‘गणेशा नाट्यालय’ में आयोजित किया जाएगा।वैद्यनाथन द्वारा वर्ष 2018 में प्रारंभ किया गया यह महोत्सव उन युवा पुरुष नर्तकों के लिए एक विशेष मंच है जिन्होंने नृत्य को अपने पूर्णकालिक पेशे के रूप में चुना है।इस महोत्सव का आयोजन नृत्यांगना रामा वैद्यनाथन द्वारा किया जा रहा है और यह ‘स्वर्ण सरोजा’ समारोह का एक भाग है। यह समारोह संस्थान की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।इस आयोजन में एस वासुदेवन, हिमांशु श्रीवास्तव, विनय तिवारी, प्रीतम दास, नीलाभ सेन, भरत गंगाधर देवनपल्ली, विधुन कुमार, बिनेश महादेवन और पूजिथ मेनन द्वारा भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी जाएगी।कथक नृत्य में आकाश द्विवेदी, विश्वदीप शर्मा, त्रिभुवन महाराज और गौरव भट्टी अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। आंध्र प्रदेश के वेंकट दीक्षितुलु कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुत करेंगे।केरल से अजीश मेनन मोहिनीअट्टम की प्रस्तुति देंगे और सिनम बसु सिंह मणिपुरी नृत्य प्रस्तुत करेंगे। आकाश मलिक (मार्ग नाट्य), संजीव कुमार जेना (ओडिसी) और भवानंदा बर्बायन (सत्त्रिया) अपनी-अपनी नृत्य शैलियों का प्रदर्शन करेंगे।गणेशा नाट्यालय की अध्यक्ष रामा वैद्यनाथन ने कहा, ‘भारतीय शास्त्रीय नृत्य में पुरुष नर्तकों को बढ़ावा देना हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए आवश्यक है। नृत्य एक सार्वभौमिक भाषा है, जो लिंग से परे है और सभी कलाकारों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता व्यक्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए।’उन्होंने कहा कि ‘शिवार्घ्य’ न केवल पुरुष नर्तकों की प्रतिभा और समर्पण का उत्सव है बल्कि यह नटराज के रूप में शिव को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। यह महोत्सव उन पुरुष नर्तकों का सम्मान करता है जो नटराज की भावना को आत्मसात करते हुए अपनी कला में निपुणता और अनुशासन का प्रदर्शन करते हैं।




