प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि एवं ग्रामीण समृद्धि पर बजट बाद वेबिनार का किया उद्घाटन

PM Modi inaugurates post budget webinar on agriculture and rural prosperity

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि एवं ग्रामीण समृद्धि पर बजट बाद वेबिनार का उद्घाटन किया। इस वेबिनार का आयोजन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कपड़ा मंत्रालय के सहयोग से किया था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वस्‍त्र मंत्री गिरिराज सिंह, वस्‍त्र सचिव नीलम शमी राव और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस सत्र में कृषि क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों और विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। उद्घाटन भाषण के बाद, वेबिनार में विभिन्न आगामी योजनाओं और मिशनों पर केंद्रित कई शुरूआती सत्र आयोजित किए गए।वस्‍त्र सचिव नीलम शमी राव ने कपास मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने फाइबर परीक्षण अवसंरचना का विस्तार करने, एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल (ईएलएस) कपास के बीजों का उत्पादन बढ़ाने और भारत के कपास क्षेत्र की वृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कस्तूरी कॉटन भारत पहल को और विकसित करने जैसी प्रमुख पहलों के बारे में बताया।इस पहल के एक भाग के रूप में वस्त्र मंत्रालय ने ‘कपास उत्पादकता मिशन’ पर एक महत्वपूर्ण चर्चा की। इस सत्र में केन्द्रीय वस्त्र और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के प्रतिनिधि, उद्योगों के हितधारक तथा कपास किसानों और कपास ओटाई करने वालों सहित वस्त्र मूल्य श्रृंखला के अग्रणी विशेषज्ञ शामिल हुए।

वेबिनार में पैनलिस्टों के एक विविध समूह की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिसमें उद्योग जगत के लीडर, राज्य और केंद्र दोनों स्तरों के नीति निर्माता, प्रख्यात वैज्ञानिक, अनुसंधान विशेषज्ञ और किसान शामिल थे। प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने, बाज़ार संबंधों को मज़बूत करने और टिकाऊ कपास उत्पादन में नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चाएं की गईं। उत्पादकता बढ़ाने और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत तकनीकों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए कपास किसानों की सहायता करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।वेबिनार का समापन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई भावनाओं को दोहराते हुए किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारे किसान समृद्ध और सशक्त हों, इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों द्वारा समन्वित कदम उठाए जाने चाहिए।

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