इसरो और उसकी सहायक कंपनियों ने एसएसएलवी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए एचएएल से समझौता किया
ISRO and its subsidiaries sign agreement with HAL for SSLV technology transfer

बेंगलुरु, लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर 10 सितंबर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल), इन-स्पेस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बीच हस्ताक्षर किए गए।इसरो ने कहा, ‘‘एसएसएलवी एक तीन-चरण वाला पूरी तरह ठोस वाहन है, जिसे 500 किलोग्राम तक के वजन वाले उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) में प्रक्षेपित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।’’‘‘त्वरित बदलाव, ऑन-डिमांड प्रक्षेपण यान’’ के रूप में विकसित एसएसएलवी का लक्ष्य ‘‘वैश्विक लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान बाजार की जरूरतों को पूरा करना है।’’इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया जा सकता है, तथा ध्रुवीय प्रक्षेपणों के लिए इसे तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में बनने वाले नए प्रक्षेपण स्थल से भी प्रक्षेपित किया जा सकता है।एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘एसएसएलवी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता भारत सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में घोषित सुधारों से संभव हुआ एक मील का पत्थर है। एसएसएलवी के सफल व्यावसायीकरण से भारतीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलने और लघु उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मांग पूरी होने की उम्मीद है।’’




