भारतीय छात्रों ने ठोंका ट्रंप सरकार पर मुकदमा, पूछा वीजा कैसे रद्द कर दिया
Indian students sued the Trump government, asking how their visas were cancelled

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों का एफ-1 वीजा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद अब भारतीय और चीनी छात्रों ने मिलकर ट्रम्प सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।बता दें कि अमेरिका में वीजा रद्द होने वाले छात्रों में 50 प्रतिशत भारतीय कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि अमेरिकी सरकार ने कई विदेशी छात्रों को वीजा रद्द होने का मेल भेजा था। इस मेल में इन छात्रों से अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से 50प्रतिशत भारतीय छात्र हैं।इन छात्रों ने अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी और अन्य इमिग्रेशन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन की ओर से यह केस न्यू हैम्पशायर की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया गया है। छात्रों का कहना है कि वीजा रद्द करने का यह निर्णय एकतरफा और अवैध है, जिससे उनकी शिक्षा, भविष्य की नौकरी और अमेरिका में कानूनी रूप से रहने का अधिकार छिन गया है। बयान में कहा है कि यह मामला केवल इन छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका में रह रहे हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों के भविष्य का है। मुकदमे में कहा गया है कि अचानक वीजा स्टेटस खत्म कर देने से छात्र डिपोर्टेशन और डिटेंशन के खतरे में आ गए हैं। मामले में 3 भारतीय और 2 चीनी छात्र शामिल हैं, जिन्होंने कोर्ट में अपनी बात रखी है।




