टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी वैक्सीन को शामिल करें: समिति
Include HPV vaccine in immunization schedule: Committee

नई दिल्ली, एक संसदीय समिति ने टीकाकरण कार्यक्रम में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन को शामिल करने में तेजी लाने की सिफारिश की है। इसके पीछे का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं में कमी लाने के साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है। नारायण दास गुप्ता की अध्यक्षता वाली राज्यसभा की याचिका समिति ने बुधवार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम कैंसर है और एचपीवी वैक्सीन इसकी रोकथाम में कारगर साबित हुई है। केंद्रीय बजट 2024 में इस वैक्सीन को चरणबद्ध तरीके से लागू करने को प्राथमिकता दी गई है।टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में इसे शामिल करने की सिफारिश की है। हालांकि, अभी तक इसकी शुरुआत केवल सिक्किम और बिहार में ही हुई है और इस वैक्सीन को अभी तक राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है। आयुष आधारित सेवाओं का विस्तार करें समिति ने देशभर में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थागत विस्तार के लिए सक्रिय कदम उठाने की सिफारिश की है। समिति ने बुधवार को प्रस्तुत अपनी 163वीं रिपोर्ट में उल्लेख किया कि कैंसर देखभाल के क्षेत्र में वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी की पहुंच एलोपैथिक उपचार पद्धतियों की तुलना में काफी सीमित है।
आयुष मंत्रालय ने इन पारंपरिक प्रणालियों में कैंसर संबंधी अनुसंधान में निरंतर प्रगति की सूचना दी है। इसने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली की तर्ज पर प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में आयुष आधारित कैंसर देखभाल के लिए समर्पित संस्थानों की स्थापना की भी सिफारिश की है। किफायती कैंसर बीमा की वकालत की समिति ने सिफारिश की है कि सरकार द्वारा विनियमित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत कैंसर निदान पैकेज विकसित किए जाने चाहिए। पैनल ने कहा कि मरीजों को कैशलेस सेवाएं प्रदान करने के लिए इन सुविधाओं को बीमाकर्ता नेटवर्क में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, कैंसर शीघ्र पहचान की सुविधा के लिए समर्पित कैंसर जांच केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए।




