पंजाब में ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से ड्रग्स, हथियारों की आपूर्ति पर राज्यसभा में जताई गई चिंता

Concern raised in Rajya Sabha over supply of drugs, weapons from Pakistan through drones in Punjab

नई दिल्ली, राज्यसभा में सोमवार को सदस्यों ने ड्रोन के माध्यम से पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान द्वारा मादक पदार्थ व हथियार भेजने और बाजारों में खराब गुणवत्ता वाली दवाइयों के कारण लोगों के स्वास्थ पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान आम आदमी पार्टी के संदीप पाठक ने कहा कि पंजाब का लगभग 550 किलोमीटर सीमावर्ती क्षेत्र सीधे पाकिस्तान से लगता है और पिछले कुछ सालों से ड्रोन गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में लगभग 50 ड्रोन देखे गए थे और उसके बाद हर साल यह संख्या 100 तक पहुंच गई और पिछले साल लगभग 300 के आसपास ड्रोन देखे गए थे। उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि बहुत कम ड्रोन मार गिराए जा रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब यह है कि अधिकांश ड्रोन सीमा के इस पार आ जाते हैं और फिर वापस चले जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इन ड्रोन के माध्यम से ‘प्रॉक्सी वॉर’ चला रहा है जो बहुत ही गंभीर है।पाठक ने कहा कि यह ना सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों लोगों के जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने के लिए उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर बल दिया।कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने घटिया दवाइयों का लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में 50 दवाइयां घटिया स्तर की बन रही हैं, जिसमें पैरासिटामॉल से लेकर ब्लड प्रेशर, खांसी, मल्टीविटामिन की दवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लाखों लोग इन दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक छोटे निर्माताओं की 15 प्रतिशत दवाइयां गुणवत्ता परीक्षण में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार उत्पादित दवाओं में 12-25 प्रतिशत तक दवाएं घटिया या नकली हो सकती हैं और सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा 38 प्रतिशत घटिया दवाएं मरीजों को मिल रही हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि घटिया दवाइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही दवाओं के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।’’आप के संजय सिंह ने कोल इंडिया में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का मुद्दा उठाया और कहा कि कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दिए जाने के मामले में परीक्षण के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित है लेकिन दुर्भाग्य से वह काम ही नहीं कर रहा है।उन्होंने कहा कि इस संबंध में श्रमिकों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को प्रार्थना पत्र लिखा लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया। उन्होंने तत्काल मेडिकल बोर्ड को प्रभावी बनाने और आश्रितों की मेडिकल जांच कर अनुकंपा पर नियुक्ति दिए जाने की मांग की।भारतीय जनता पार्टी के सिकंदर कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग के दिल्ली स्थित संग्रहालय में उल्लेखित इतिहास के तथ्यों को भ्रमित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में प्रदर्शित इतिहास में महान योद्धाओं और शासकों के योगदान के बारे में तथ्यों की गलत व्याख्या की गई है।उन्होंने कहा कि इसमें अलाउद्दीन खिलजी, शेरशाह सूरी और मुगलों जैसे आक्रमणकारियों को भारतीय इतिहास में सबसे महान योद्धा और प्रशासक बताया गया है जबकि गुप्त कोल, चोल वंश, विजयनगर साम्राज्य के महान योद्धाओं और शासकों का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे भावी पीढ़ियों में गलत संदेश जाएगा।निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने हरियाणा के मोरनी हिल्स क्षेत्र में जंगली जानवरों से परेशान किसानों की समस्या का मुद्दा उठाया और मांग की कि किसानों के नुकसान का कवरेज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किया जाए।भाजपा की कल्पना सैनी ने कहा कि कि छोटी-छोटी बीमारी और तकलीफों के लिए लोग दवाइयों पर निर्भर होते जा रहे हैं जबकि भारतीय रसोई हमेशा से प्राकृतिक औषधियां का खजाना रही है। उन्होंने रसोई में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न मसालों के महत्व को रेखंकित किया और सरकार से अपील की कि वह परंपरागत रसोई नुस्खों को शिक्षा प्रणाली में शामिल करे।उन्होंने स्कूल और कॉलेज में खाना पकाने के व्यावहारिक सत्र आयोजित करने और प्राकृतिक एवं जैविक खाद्य पदार्थों के महत्व पर आधारित कार्यशालाओं के आयोजन का आग्रह किया।भाजपा के अजीत गोपछड़े ने फर्जी आधार कार्ड के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुन: सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य बनाए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हाल ही में, मद्रास उच्च न्यायालय ने संपत्ति लेनदेन में नकली आधार कार्ड के उपयोग पर पुलिस शिकायतों के पंजीकरण का आदेश दिया है।उन्होंने कहा कि इसके अलावा हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में उन एजेंटों के यहां छापेमारी की है जो बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता के लिए फर्जी दस्तावेज दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सुझाव है कि केन्द्र सरकार को सभी आधार धारकों के लिए नियमित रूप से पुन सत्यापन को अनिवार्य बनाना चाहिए। इसके लिए नागरिकों को आवश्यक शुल्क लेकर अपनी जानकारी को अद्यतन रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। यह प्रक्रिया नकली आधार कार्ड के दुरुपयोग को रोकेगी और नागरिकों के हितों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करेगी।’’

 

 

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