बजट 2025: शिक्षा और तकनीकी विकास की नई दिशा

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। इस बजट में डे बोर्डिंग स्कूल, छात्राओं के लिए हॉस्टल, डिजिटल यूनिवर्सिटी और साइंस एजुकेशन से जुड़े कई अहम प्रावधान किए गए हैं।
हर विधानसभा में 750 छात्रों वाले स्कूलों को मिलेगा डे बोर्डिंग का दर्जा
सरकार ने घोषणा की है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 750 छात्रों वाले स्कूलों को डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 31 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को ‘राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल’ बनाया जाएगा। इनमें गगरेट, हमीरपुर, धर्मशाला, कुल्लू, ठियोग, जोगिंद्रनगर सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन 19 नए स्कूलों के लिए 31 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
छात्राओं के लिए 6 नए हॉस्टल, सैनिक स्कूल को 3 करोड़ की सहायता
महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऊना और कांगड़ा में कॉलेज छात्राओं के लिए 4 नए हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके अलावा, हमीरपुर और सुजानपुर में स्कूली छात्राओं के लिए दो हॉस्टल की भी घोषणा की गई। सुजानपुर के सैनिक स्कूल को हॉस्टल मरम्मत के लिए 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
जन्मदर में कमी से इनरोलमेंट घटी, सरकार ने नई योजना बनाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2001 के बाद से प्रदेश में जन्म दर में लगातार गिरावट आई है। इसका असर स्कूलों में बच्चों की संख्या पर पड़ा है। 2003 में पहली कक्षा में 1.47 लाख बच्चे भर्ती हुए थे, जबकि 2023-24 में यह संख्या घटकर 97,427 रह गई। इसके समाधान के लिए सरकार दूरदराज के क्षेत्रों में ‘इंटीग्रेटेड और कंपोजिट स्कूल’ स्थापित करेगी, जहां बच्चों को फ्री हॉस्टल या ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, सरकारी स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस होगी अनिवार्य
प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में 2025-26 से छात्रों और शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति (अटेंडेंस) अनिवार्य की जाएगी। साथ ही, 7,663 स्कूलों में स्टूडेंट्स को अपनी पसंद की यूनिफॉर्म चुनने का विकल्प दिया जाएगा।
डिजिटल यूनिवर्सिटी और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा
तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ने बिलासपुर जिले के घुमारवीं में ‘डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, स्किल और वोकेशनल स्टडी’ स्थापित करने का ऐलान किया है। यह यूनिवर्सिटी पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर सेल्फ-फाइनेंसिंग के तहत बनाई जाएगी।
इसके अलावा, राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग महाविद्यालय, बंदला में M.Tech इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इनोवेशन फंड के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकारी स्कूलों में साइंस और एस्ट्रोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश सरकार हिमाचल विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद तथा समग्र शिक्षा विभाग के सहयोग से चंबा और शिमला में 6 सरकारी संस्थानों में डोम थियेटर स्थापित करेगी। इन थियेटरों में साइंस और एस्ट्रोनॉमी से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी।
हिमाचल सरकार का यह बजट शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्राओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि ये योजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं।




