हिमाचल प्रदेश में भूमि अधिग्रहण धारा 118 में संशोधन पर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी का तीव्र विरोध
Rashtriya Devbhoomi Party strongly opposes amendment in section 118 of land acquisition in Himachal Pradesh


शिमला। हिमाचल प्रदेश में भूमि अधिग्रहण धारा 118 के संशोधन को लेकर राजनीतिक बवाल मच गया है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के नेता रूमित सिंह ठाकुर ने भाजपा और कांग्रेस पर मिलकर एक बड़ी साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह संशोधन हिमाचल प्रदेश की जनता के अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ है, और इस निर्णय के तहत राज्य को बेचने की तैयारी की जा रही है। ठाकुर ने इसे वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर प्रदेश की भूमि को बाहरी संस्थाओं के हाथों सौंपने का फैसला लिया है, जो हिमाचल के भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है।रूमित सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे पर आक्रामक बयान देते हुए यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता इसका सख्त जवाब देगी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जो तथाकथित विरोधी, जो समोसा और मुर्गी के मुद्दे पर सड़कों पर उतरते थे, आज वह चुप्प हैं और अपने “आका” भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।ठाकुर ने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश को तीसरे और मजबूत विकल्प की जरूरत है, और वह विकल्प राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के रूप में 2027 में उभरकर सामने आएगा।साथ ही, रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि भूमि अधिग्रहण धारा 118 के आर्टिकल 5 में संशोधन कर प्रदेश सरकार ने डेढ़ सौ बीघा भूमि और निजी संस्थाओं को भूमि ट्रांसफर करने का अधिकार दे दिया है, जो हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय हिमाचल प्रदेश में एक बड़ी साजिश है और इसे जल्द से जल्द रोका जाना चाहिए। ठाकुर ने भाजपा और कांग्रेस को “धोखा” देने वाला बताते हुए जनता से यह आग्रह किया कि वह इस साजिश को समझे और हिमाचल प्रदेश बचाने का मौका आने वाले समय में पार्टी को दे।




