शतरंज का नया इतिहास: जावोखिर सिंदारोव ने जीता ‘कैंडिडेट्स 2026’, गुकेश के साथ होगा सबसे युवा खिताबी मुकाबला
शतरंज के उस 64 खानों वाले बोर्ड पर—जहाँ कई लोग अपनी मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के लिए हर दिन 30 मिनट का खेल खेलना पसंद करते हैं

साइप्रस में कुछ ऐसा हुआ है जिसने शतरंज की दुनिया को हैरान कर दिया है। 28 मार्च से 16 अप्रैल 2026 के बीच पेइया , साइप्रस के कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिज़ॉर्ट में आयोजित 2026 फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का शानदार समापन हो चुका है। उज़्बेकिस्तान के 20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव ने 14 राउंड के इस कड़े टूर्नामेंट में 10 अंक हासिल कर खिताबी जीत दर्ज की है।सिंदारोव का प्रदर्शन इस पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा; उन्होंने 6 मैच जीते और 8 ड्रॉ खेले, और किसी भी मुकाबले में हार का सामना नहीं किया (यानी +6 का स्कोर)। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नीदरलैंड्स के अनीश गिरी 8.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंदारोव ने वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप 2026 2026) के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है, जहाँ उनका सीधा मुकाबला मौजूदा विश्व चैंपियन, भारत के गुकेश दोम्माराजू से होगा। 2005 में जन्मे सिंदारोव और 2006 में जन्मे गुकेश के बीच होने वाला यह मुकाबला शतरंज के इतिहास का ‘सबसे कम संयुक्त आयु’ वाला विश्व चैंपियनशिप मैच बन गया है, जो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि नई पीढ़ी के खिलाड़ी इस खेल पर पूरी तरह से हावी हो चुके हैं।




