टाटा ग्रुप ईवी, सेमीकंडक्टर और सोलर सेक्टर में देगा पांच लाख नौकरियां: एन चंद्रशेखरन

Tata Group will provide five lakh jobs in EV, semiconductor and solar sectors: N Chandrasekaran

नई दिल्ली, टाटा ग्रुप की योजना अगले पांच वर्षों में बैटरी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर सेक्टर में पांच लाख नौकरियां देना है। यह बयान गुरुवार को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दिया।ग्रुप के कर्मचारियों को लिखे वार्षिक पत्र में चंद्रशेखरन ने लिखा, “ये नौकरियां पूरे भारत में बन रही टाटा ग्रुप की फैक्ट्ररियों और प्रोजेक्ट्रों से आएंगी, जो बैटरी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण हार्डवेयर का उत्पादन करेंगी। ये सभी सेक्टर आने वाले समय में अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाएंगे।आगे उन्होंने लिखा, “यह उन नौकरियों के अतिरिक्त हैं, जो हम रिटेल, टेक सर्विसेज, एयरलाइन और हॉस्पिटैलिटी जैसे अन्य सेक्टरों में देते हैं।नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली कंपनी की 2024 की उपलब्धियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि इस साल कुल सात नए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का शिलान्यास किया गया। इसमें गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब प्लांट और असम में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा शामिल है।उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि ग्रुप के पास कर्नाटक के नरसापुरा में इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली प्लांट, तमिलनाडु के पनपक्कम में एक ऑटोमोटिव प्लांट और कर्नाटक के बेंगलुरु में नई एमआरओ सुविधाएं हैं।हमारे पास गुजरात के साणंद और यूके के समरसेट में नई बैटरी सेल निर्माण फैक्ट्रियां भी हैं। हमने गुजरात के वडोदरा में सी295 फाइनल असेंबली लाइन (फेएएल) का उद्घाटन किया और तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में सोलर मॉड्यूल उत्पादन शुरू किया है।इस साल टीसीएस और तेजस नेटवर्क ने मिलकर बीएसएनएल के लिए पहला स्वदेशी 4जी मोबाइल टेलीकॉम स्टैक तैयार किया है और अब वह 5जी के लिए भी तैयार है।चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से कहा कि हमारी रिटेल कंपनियां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। एयर इंडिया के तहत चार एयरलाइन को एक एयरलाइन ग्रुप में एकीकृत कर दिया गया है और यह भारत एवं दुनिया को सेवाएं देने के लिए तैयार है। इंडियन होटल्स का ताज ब्रांड, दुनिया का सबसे मजबूत होटल ब्रांड बना हुआ है।

टाटा संस के चेयरमैन ने आगे बताया कि यूके सरकार के साथ मिलकर हमने साउथ वेल्स में उच्च गुणवत्ता एवं कम कार्बन वाले स्टील उत्पादन के लिए 1.25 अरब पाउंड के निवेश की घोषणा की है। आगे कहा कि मोबिलिटी और हेल्थकेयर में एआई से पूरी मानवता को फायदा होगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारत की अर्थव्यवस्था को बदलने की क्षमता है।

 

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